मंजिलों को पाने की चाहत रखते हैं वो समंदरो पर भी पत्थरो के पुल बना देते हैं-इंजीनियर लख्मीचंद यादव।* – UP News Express

UP News Express

Latest Online Breaking News

मंजिलों को पाने की चाहत रखते हैं वो समंदरो पर भी पत्थरो के पुल बना देते हैं-इंजीनियर लख्मीचंद यादव।*

😊 Please Share This News 😊

*जो मंजिलों को पाने की चाहत रखते हैं वो समंदरो पर भी पत्थरो के पुल बना देते हैं-इंजीनियर लख्मीचंद यादव।

किसी भी कुल में जन्म लेकर, गरीब से गरीब परिवार में जन्म लेकर,कमजोर से कमजोर परिवार में जन्म लेकर,व बिना कोई डिग्री,डिप्लोमा लिए बगैर प्रतिभाशाली इंसान रच देता है अकेले ही अपने दम पर इतिहास।

चाहे बेसक उसके खिलाप पूरा समाज,व जहां वो काम करता है बेसक पूरा विभाग भी उसके खिलाप खड़ा क्यों ना हो जाए लेकिन उसे आगे बढ़ने से कोई माई का लाल रोक नही सकता चाहे हालात जो भी हो ये हमारा खुद का तजुर्बा कहता है की इंसान जो सोच सकता है और इंसान जो चाहे उसे अवश्य हासिल कर सकता है क्योकि हमने खुद भी तो नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है।

*वही हिम्मत,जिद जुनून जिस इंसान मे है उसे कामयाब होने से कोई नही रोक सकता,और उस इंसान को भी मैदाने जंग में हराना बेहद मुश्किल होता है जो कभी किसी से हार नही मानता हो क्योकि दुनिया की बड़ी से बड़ी समस्या भी इंसान के साहस से कभी बड़ी नही हो सकती।*

किसी भी छेत्र में सफलता हासिल करने के लिए लगातार लंबे समय तक प्रयास करना व धैर्य बनाकर चलना बेहद जरूरी होता है जैसे हम पिछले 40 वर्षों से लगातार जनसेवा करते हुए कूड़े करकट,कचरे का बेखोफ होकर सफाया करते आ रहे हैं वही हमारा खूब उपहास भी उड़ाया गया है लेकिन अब जाकर कही हम अपनी मंजिल के नजदीक पहुचने वाले है अब हिंदुस्तान हमें पहचानेगा अब हिंदुस्तान हमारे संघर्षों को भी जानेगा की लख्मीचंद यादव अकेले अपने संघर्षों के बलबूते कहां से कहां पहुच गए अब लोग हमारी कार्यशैली पर बड़े-बड़े लेख भी जरूर लिखेंगे संगर्ष के बाद जो भी चमकता है उसकी चमक फिर कभी फीकी नही होती वो उसके बाद तो रात ही रात में स्टार भी बन जाता है ।

हमने अपने 45 वर्षो के संघर्ष के समय मे ज्यादातर युवाओ को व लोगो को देखा है वो कामयाब तो होना चाहते हैं लेकिन वो किसी कार्य को शुरू करने के कुछ समय बाद ही निराश होकर उसे छोड़ देते हैं इस लिए उन्हें सफलता कभी मिल नही पाती है।

हमारे तजुर्बे अनुसार किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार लंबे अर्शे तक संघर्ष करना पड़ता है निस्वार्थ समाजसेवा करनी पड़ती है तब जाकर उसे कामयाबी मिलती है, बहुत से लोग संघर्ष तो कर नही पाते वो बीच मे ही अपने लक्ष्य का त्याग कर देते हैं वही ज्यादातर लोग छोटी मोटी चुनोतियां से घबराकर अपने मन व लक्ष्य को ही बदल लेते हैं।

*लेकिन अगर किसी भी लक्ष्य को हासिल करना है तो आपको निरंतर प्रयास करना ही होगा क्योकि निरंतरता वो चाबी है जो कामयाबी के सभी दरवाजों को खोल देती है इस लिए हम हर हाल में देश का सर्वश्रेष्ठ सामाजिक संगठन भारतीय जनसेवा मिशन को बना देंगे क्योकि हमारे लिए कोई भी काम करना असंभव है ही नही।*

5 वर्ष पहले देश के एक प्रसिद्ध आईएएस अफसर ने हमसे कहा था की लख्मीचंद यादव जी आपको एक दिन देश की बड़ी बड़ी हस्तियां खोजेंगी हम अपने मन मे उस वक्त सोच रहे थे कि आईएएस साहब हमे तेल लगा रहे हैं लेकिन उनकी कही बात अब सच होने के संकेत दे रही है।

16 फरवरी 2020 में भारतीय जनसेवा मिशन का गठन करने से पहले हमने देश मे अपना वो बड़ा नेटवर्क बना दिया था जिसे बना पाना भी बड़े-बड़े धुरन्द्रों के लिए मुमकिन काम नही था।

*दोस्तो हमने सिर्फ उन जुल्मी अत्याचारियों पर जुल्म किये जो बहन बेटियों,की अस्मत लूटते थे जो असहाय,बेबस,लाचार,कमजोर,गरीबो,के साथ जबरन जुल्म ज्याजादती किया करते थे लेकिन हम फिर भी लोगो की नजरों में गलत थे,है ना हैरानी की बात इस दुनिया मे सही काम करना और सही बोलना ही तो सबसे बड़ा गुनाह है।*

लेकिन सुदर्शन चक्रधारी भगवान श्री कृष्ण हर बड़ी विपत्ति में हमेशा हमारा साथ देते रहे हम उन्ही की कृपा से हम कूड़े करकट कचरे का बेखोफ होकर सफाया करते रहे हैं क्योकि वही हमारे हर केश में वकील थे वही हमारे हर केश में जज थे वही हमारे हर केश में पुलिस इंस्पेक्टर थे इस लिए हमारा कही कुछ भी कही बिगड़ा नही,नही तो जो हमने उंट पटांग काम किये है उन कामो के अनुसार या तो हम कही जैलो में अब सड़ रहे होते या हम ऊपर पहुच गए होते लेकिन हमे आजतक भी पुलिस गिरफ्तार नही कर सकी ना हमे कही अपमानित होना पड़ा,ना हमे किसी के भी सामने कभी झुकना पड़ा ये सब सुदर्शन चक्रधारी की ही तो कोई बड़ी लीला का कमाल है।

*अब हमे अपने लिए नही सर्वसमाज के लिए जिना है अब आगे जो भी होने वाला है वो राष्ट्र व सर्वसमाज के हित मे होगा वही राजनीत हमे करनी है नही बल्कि राजनीत से हमे गंदगी को भी जरूर जरूर बाहर निकालना है क्योकि ये काम करना भी जनसेवा का ही काम है,वही आने वाले समय मे इस देश की दिशा और दशा को भी सुधारने का काम करेगा भारतीय जनसेवा मिशन।*

*संघर्ष और जनसेवा है हमारा लक्ष्य।*

*इंजीनियर लख्मीचंद यादव राष्ट्रिय अध्य्क्ष भारतीय जनसेवा मिशन सम्पर्क-9927530581।*

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]

लाइव कैलेंडर

December 2021
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
error: Content is protected !!