मृत्यु के बाद अपनी श्रंद्धांजलि में क्या सुनना चाहेंगे? जो सुनना चाहेंगे वैसी ही जिंदगी आज से जीना शुरू कीजिए-इंजीनियर लख्मीचंद यादव – UP News Express

UP News Express

Latest Online Breaking News

मृत्यु के बाद अपनी श्रंद्धांजलि में क्या सुनना चाहेंगे? जो सुनना चाहेंगे वैसी ही जिंदगी आज से जीना शुरू कीजिए-इंजीनियर लख्मीचंद यादव

😊 Please Share This News 😊

हीरे के समान व्यक्ति जहाँ भी होता है वो वही चमकता है उसकी चमक कही भी फीकी नही होती चाहे वो कही भी हो,चाहे वो जिस भी पद पर हो,चाहे वो जिस भी माहौल में हो, वो हर जगह सूर्य के तेज प्रभाव की तरह हमेशा चमकता रहता है।

उसी तरह भारी पत्थर जहाँ भी रख दिया जाता है उसे बड़े से बड़ा बलवान इंसान भी उसे हला जुला नही सकता और ना ही बड़ी बड़ी आंधी और तूफानों का उस पर कोई असर पड़ता है,हा बड़ी सुनामी जरूर उसे थोड़ा बहुत हिला जुला सकती है लेकिन उसका बिगाड़ बड़ी सुनामी भी कुछ नही पाएगी।

यह भी जरूरी नही की आपका हर करीबी व्यक्ति आपका सुभचिंतक ही हो,उनमे से कुछ आपका सुभ होता देखकर भी जरूर चिंतित होंगे।

अंधेरे को हटाने में अपना कीमती समय बर्बाद मत कीजिये परन्तु दिए को जलाने में जरूर समय लगाइये;वही दुसरो को नीचा दिखाने में,दुसरो को तबाह करने में समय बर्बाद मत करो बल्कि खुद को ऊंचा उठाने में समय लगाइये आप अवश्य होने अपने लक्ष्य में कामयाब।

अगर सच मे आपको अपने सपनो को सच करना है तो आप रास्ते बदलो सिद्धान्त नही।”क्योकि” पेड़ हमेशा पत्तियां बदलते हैं जड़े नही।

बिना प्रयास किये आप नीचे गिर सकते है,ऊपर कभी नही उठ सकते,यही गुरुत्वाकर्षण का भी नियम हैं और जीवन का भी नियम हैं।

जान लो जब कोई व्यक्ति आपसे अकारण ही नफरत करने लग जाए,तो आप समझ लेना अब वह आपका धरातल पर मुकाबला नही कर सकता।

सहारे इंसान को अंदर से खोखला बना देते हैं क्योंकि सहारे मुर्दे लोगो को दिए जाते हैं जिंदे लोगो को नही।

हर रोज किसी एक कि ही शिकायत मत करो,हर रोज किसी एक के पीछे आंख मुदकर मत पड़ो नही तो मौकापरस्ती दुनिया के लोग आपको ही दल्ला कहने लगेंगे और आप ही लोगो की नजरों में गिर जाएंगे क्योकि हमसे ज्यादा तजुर्बा होगा भी किसके पास क्योकि हमारा तो अब तक का जीवन ऐसे ही वाद विवादों में कटा है हमने देखा है ऐसे मामलों में कोई किसी का साथ देता ही नही इंसान अकेला पड़ जाता है और जालिमो के सडयंत्र का शिकार होकर अपना ही बड़ा नुकसान कर बैठता है क्योकि नीचे से ऊपर तक हर जगह सब भर्स्ट बैठे हैं।

भरस्टाचारीयो से जंग लड़कर अकेले ने हमने उन्हें सबक सिखाने का खूब प्रयास किया लेकिन हम उनसे अकेले जीत नही पाए इस लिए नाजुक हालातो के सामने मजबूर होकर हमने 16 फरवरी 2020 को भारतीय जनसेवा मिशन सामाजिक संगठन का गठन किया हां हम इस संगठन के माध्यम से जरूर भरस्टाचारीयों को सबक सिखा देंगे।

हमारी हर लड़ाई असहाय,गरीब,बेबस,लाचार,कमजोरों के लिए थी क्योकि हम इतने कमजोर भी नही थे की कोई हमसे खामुखा पंगा ले सके।

संघर्ष और जनसेवा हैं हमारा लक्ष्य।

 

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]

लाइव कैलेंडर

October 2021
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
error: Content is protected !!