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खुले में रखे ट्रांसफार्मर बन सकते है आमजनों के लिए खतरा

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बहुआ कस्बे के अधिकांश मुहल्लों मे खुले में ट्रांसफार्मर रखे हुए है, जिसके आस-पास जाली का घेरा तक नहीं बनाया गया है खुले में ट्रांसर्फामर लगा दिए गए हैं। जिससे आस-पास के लोगों को इसके पास से गुजरने पर करंट लगने का भय लगता है वहीं कई घटनाएं भी हो चुकी है, बेजुबां पशुओं और नादान बच्चों के चपेट में आने की आशंका बनी रहती है, जिससे उनकी अधिक देखरेख करना पड़ती है ,इसके बाद भी अधिकारी मौन साधे हुए हैं , जिससे किसी बड़ी घटना होने से भी इंकार नहीं किया जा सका है ,यही स्थिति बहुआ कस्बे के अतिरिक्त इस उपकेंद्र से जुड़े ग्रामीण इलाको की भी है, जहां खुले में रखे ट्रांसफार्मर के कारण राहगीरों को करंट का भय बना रहता है

बरसात में रहता ज्यादा खतरा

खुले में रखे ट्रांसफार्मर से बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा खतरा रहता है ,तेज बरसात के साथ ही आंधी और तेज हवाओं के चलने से बिजली के तार और ट्रांसफार्मर में फाल्ट हो जाते हैं , ऐसे में गली मुहल्ला में घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है, अब बरसात का मौसम शुरु हो रहा है ,जिस कारण जगह जगह जलभराव होने के साथ ही जमीन में नमी रहने लगी है, जिससे ट्रांसफार्मरों के पास और ज्यादा खतरा बढ़ जाता है। जलभराव के कारण करंट जमीन में भी दौड़ जाता है, जिससे करंट लगने की अधिक संभावनाएं बढ़ जाती है

यूंतो शाशन द्वारा ट्रांसफार्मर रखने के लिए तमाम नियम कानून बनाए गए हैं जिसमे ट्रांसफार्मर को चबूतरे यानि यार्ड शेड पर रखना चाहिए, ट्रांसफार्मर में आने वाली सप्लाई के तारों में गार्डिंग लगी होना अत्यंत आवश्यक है ट्रांसफार्मर को जाली के घेरे में रखना भी अनिवार्य है लेकिन, बहुआ उपकेंद्र के जिम्मेदारों को विभाग द्वारा निर्धारित किये गए नियमों का अनुपालन करने में कोई दिलचस्पी नही है ,जिससे राहगीरों को सहित इलाके वासियों को जान का खतरा बना रहता है

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